
संभल में AIMIM के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्लाह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसीलदार रवि सोनकर को ज्ञापन दिया, जिसमें महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि मीट के दाम ₹300 किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे आम जनता खासकर मुस्लिम समुदाय के लोग परेशान हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संभल में तीन मीट फैक्ट्रियां हैं, जिनमें से दो बंद हैं और केवल एक संचालित है। यह एक फैक्ट्री अपने मालिक की तानाशाही के कारण मनमानी कर रही है, जिसके चलते पशु काटने वालों से ₹50 की एंट्री ली जा रही है। इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ ने व्यापार को प्रभावित किया है।
जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्लाह ने कहा कि लोगों को पहले से महंगाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और मीट के दामों में बढ़ोतरी से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग की कि इस पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके

एडवोकेट शकील अहमद ने कहा की संभल में जिस तरह से एक मीट फैक्ट्री खुली है हमारी माँग है की सरकार और फ़ैक्ट्रियों को भी एनओसी दे जिससे महंगाई पर अंकुश लग सके क्योंकि जिस तरह से एक मालिक की फैक्ट्री होने की वजह से इसके मालिक हाजी इमरान अपनी मनमानी कर रहे हैं उससे लोगों को राहत मिलेगी, क्योंकि एक जानवर की एंट्री फीस 50 रुपये ले रहे हैं जिससे महंगाई ज़्यादा हो रही और महंगाई भी संभल में ही सबसे ज़्यादा है गोश पर हमारी सरकार से माँग है की अन्य फेक्ट्रियों को भी एनओसी दी जाए
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से सैयद असलम, अंकुर, चौधरी मुशीर, शकील अहमद, तारिक अहमद, महरान नौशाही, हाजी तय्यब, आसिक खान, मुन्ना, मौ. उवैस आदि शामिल रहे। एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि वे महंगाई के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे और जनता की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
संभल में AIMIM कार्यकर्ताओं का महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन
संभल में AIMIM के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के नाम तहसीलदार रवि सोनकर को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्लाह के नेतृत्व में मंगलवार को यह ज्ञापन दिया गया, जिसमें महंगाई पर तुरंत नियंत्रण लगाने की मांग की गई।
मुख्य समस्याएँ:
- मीट के दाम ₹300 प्रति किलो तक पहुँच चुके हैं, जिससे आम जनता, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के लोग अत्यधिक परेशान हैं।
- संभल की तीन मीट फैक्ट्रियों में से दो बंद हैं, और केवल एक ही संचालित हो रही है।
व्यापार पर असर:
- फैक्ट्री मालिक द्वारा पशु काटने वालों से ₹50 की एंट्री फीस वसूली जा रही है, जिससे व्यापार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्लाह ने महंगाई की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलों पर चिंता व्यक्त की और प्रशासन से जल्द से जल्द महंगाई पर सख्त कदम उठाने की अपील की।
अन्य मांगें: एडवोकेट शकील अहमद ने सरकार से अपील की कि अन्य मीट फैक्ट्रियों को भी एनओसी दी जाए, ताकि फैक्ट्री मालिक की मनमानी पर रोक लग सके और कीमतों में स्थिरता आ सके।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से सैयद असलम, चौधरी मुशीर, और शकील अहमद सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे। AIMIM कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि वे महंगाई के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे और जनता की भलाई के लिए हर संभव कदम उठाएँगे।
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